‘लॉक अप 2’ में हर्षद चोपड़ा का बड़ा खुलासा, बोले- पहले ब्रेकअप के बाद खुद को पहुंचाया था नुकसान
रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ के जजमेंट डे एपिसोड में अभिनेता हर्षद चोपड़ा ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक और दर्दनाक अनुभव साझा किया। एलिमिनेशन से बचने के लिए शो के नियम के तहत उन्हें अपनी जिंदगी का एक ऐसा राज बताना पड़ा,
एंटरटेनमेंट डेस्क: रियलिटी शो ‘लॉक अप 2’ के जजमेंट डे एपिसोड में अभिनेता हर्षद चोपड़ा ने अपनी निजी जिंदगी से जुड़ा एक बेहद भावुक और दर्दनाक अनुभव साझा किया। एलिमिनेशन से बचने के लिए शो के नियम के तहत उन्हें अपनी जिंदगी का एक ऐसा राज बताना पड़ा, जिसे उन्होंने पहले कभी सार्वजनिक रूप से साझा नहीं किया था।
हर्षद चोपड़ा ने बताया कि अपने पहले रिलेशनशिप के टूटने के बाद वह मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गए थे और एक समय उन्होंने खुद को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। उन्होंने कहा कि उस दौरान वह अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पाए और आवेश में आकर अपनी कलाई काट ली थी। उन्होंने बताया कि उस घटना का निशान आज भी उनकी कलाई पर मौजूद है।
अभिनेता ने बताया कि यह घटना तब की है जब वह मुंबई में नए-नए आए थे और उनकी उम्र करीब 22-23 वर्ष थी। उनका पहला रिश्ता करीब आठ-नौ महीने पुराना था। ब्रेकअप के बाद वह गहरे भावनात्मक तनाव से गुजर रहे थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया।
हर्षद ने आगे बताया कि घटना के बाद वह खुद अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से पुलिस को सूचना न देने की गुजारिश की। इस घटना के बाद उन्होंने खुद से वादा किया कि भविष्य में कभी भी खुद को नुकसान नहीं पहुंचाएंगे। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस बारे में उनके परिवार, यहां तक कि उनके पिता को भी लंबे समय तक कोई जानकारी नहीं थी, क्योंकि उस समय वह मुंबई में अकेले रहते थे।
हर्षद की आपबीती सुनकर शो में मौजूद सभी कंटेस्टेंट्स भावुक हो गए। वहीं, जेलर रितेश देशमुख और फराह खान ने भी दर्शकों से अपील की कि जीवन की कठिन परिस्थितियों में कभी भी खुद को नुकसान पहुंचाने का रास्ता न चुनें और जरूरत पड़ने पर परिवार, दोस्तों या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों से मदद लें।
एपिसोड में अपना सीक्रेट साझा करने के बाद हर्षद चोपड़ा एलिमिनेशन से सुरक्षित हो गए, जबकि योगेश रावत और सूफी मोतीवाला पर बाहर होने का खतरा बना हुआ है। अब दर्शकों की नजरें अगले एपिसोड पर हैं, जिसमें पता चलेगा कि शो से कौन बाहर होगा।
अगर आप या आपका कोई परिचित भावनात्मक संकट, अवसाद या आत्महत्या जैसे विचारों से जूझ रहा है, तो कृपया तुरंत अपने परिवार, दोस्तों या किसी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से मदद लें। समय पर सहायता लेना बेहद महत्वपूर्ण है।
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